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राम-रावण संवाद, अगर रावण न होता तो पूजे भगवन तुम भी न जाते। AGAR MAIN RAWAN NAA HOTA TO POOJE BHAGVAN TUM BHI NAA JATE, by - नंदकिशोर पटेल "नन्दन" on google | in india | hindi poem

रावण कहता है

अगर मैं रावण न होता तो पूजे भगवन तुम भी न जाते,
अगर मै जन्मा न होता तो तुम भगवन होकर भी पृथ्वी पर जन्म नहीं पाते,

अगर लक्ष्मण जैसा भाई न होता तो तुम लंका जीत नहीं पाते,
अगर मेरे अपने मेरा भेद नहीं बताते
कास..विभीषण भइया लक्ष्मण हो जाते
हाँ ! मै जीत नहीं पाता पर तीन लोक के स्वामी मुझे हरा नहीं पाते
न मै सीता हरता न तुम लंका को आते,
अगर रघुनंदन की न किरपा होती जो,
तो इस भव-सागर से हम पार नहीं पाते,
जो भगवन ने न तारा होता तो हम वैकुण्ड भला कैसे जा पाते,

                                                                                                        

👇👇👂👂राम जी कहते हैं👂👂👇👇


 FOR YouTube VIDEO       

मैने तो तेरे सभी अधर्मों को मारा था,
तुझमे वास किये थे जो उन पापों को संघारा था,
मर कर भी तुम अमर रहे और स्वयं हरि तूमसे हार गये,
तुम जैसा कोई वाली नहीं था न तेरे जैसा शिव-ध्यानी.....
तीन लोक में न कोई तुम सा ज्ञानी...
हे लंकापति तूँ भी मारा न जाता....तूँ जिन्हें जानता था सन्यासी, जोगी वस्त्र किये धारण भटक रहे वनवासी...वो स्वामी थे वैकुंड के वासी...
तूँ जिन्हें हर कर ले गया महल में वो तीन लोक की जननी थीं... फिर भी अगर तूँ आता करने वन्दन शरण हमारी तो छोड़ तुझे देते इसे मान तेरी नादानी....
तुझे मतिभ्रष्टी कहदूँ या तुझे मूर्ख कहूँ, 
तुझे चतुर कहूँ या कहूँ अज्ञानी
 तूँ छोड़ धर्म को हुआ लंका पति अभिमानी....
जो तेरे काल की बनी कहानी,
तेरे किये अधर्मों के कारण तेरे प्राण गए,
तीन लोक संघारक शम्भू तेरे बनने यजमान गए,
हे महाबली महापंडित रावण तेरी शक्ति, भक्ति, श्रद्धा, संयम मान गए,
तभी तो शेषनाग के अवतारी तुझसे लेने ज्ञान गए,
इन सब के चलते ही तो हे रावण
तुम सीधे वैकुंड हमारे धाम गए।।



👇👇👂👂रावण आज के लिए कहता है👂👂👇👇


न तो पवनपुत्र सा कोई भक्त बचा है,
न कहीं लखन सा कोई भाई बचा अब प्यारा है,
न आज विभीषण जैसा भेदी कोई हमारा है,
अब फैशन के रण में किसे उतारोगे,
हर मन मै वाश मेरा है अब इस युग में कैसें रावण मारोगे.....
खुद सीता मन में रावण बस गया अब किस-किस को संघारो,
कहां-कहां जन्मों गे? किस-किस को उद्धारोगे??
 हर वर्ष की भाती बस मेरा क्या पुतला ही संघहरो गे,
अब पुतले में भी मै कहा बस हूँ, अब देखो राम यहां इस युग में मैने अपनी माया फैलाई है,
अब निश्चय तुम ही हारोगे...
हर कोई रावण बन बैठा अब किसी-किस को तुम तारोगे??
  हर मन मै वाश मेरा है अब इस युग में कैसें रावण मारोगे.....
हर मन मै वाश मेरा है अब इस युग में कैसें रावण मारोगे.....

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